Ishq Express
इसे कहते है कसक ओर चाहत, ये कहानी है एक लड़का और एक लड़की की। ये कहानी शुरू होती है एक रेल यात्रा से। जब मैं ट्रेन से सफर कर रहा था। मेरे बगल वाली सीट एक लड़की की थी। सफर लंबा था हमारा। आपस में बात-चीत करते-करते समय गुजर रहा था। हम दोनों में गहरी दोस्ती हो गई है। उसने मुझे अपने बारे में बताया। वह बताती है……आज ही के दिन पिछले साल मैं इसी ट्रेन से सफर कर रही थी। ट्रेन चलने को ही थी कि अचानक कोई जाना पहचाना सा चेहरा जर्नल बोगी में आ गया। मैं अकेली सफर पर थी। सब अजनबी चेहरे थे। स्लीपर का टिकिट नही मिला तो जर्नल डिब्बे में ही बैठना पड़ा। मगर यहां ऐसे हालात में उस शख्स से मिलना। जिंदगी के लिए एक संजीवनी के समान था। जिंदगी भी कमबख्त कभी कभी अजीब से मोड़ पर ले आती है। ऐसे हालातों से सामना करवा देती है जिसकी कल्पना तो क्या कभी ख्याल भी नही कर सकते। वो आया और मेरे पास ही खाली जगह पर बैठ गया। ना मेरी तरफ देखा, ना पहचानने की कोशिश की। कुछ इंच की दूरी बना कर चुप चाप पास आकर बैठ गया। बाहर सावन की रिमझिम लगी थी। इस कारण वो कुछ भीग गया था। मैने कनखियों से नजर बचा कर उसे देखा। उम्र के ...